सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा – 'अलवर में भी प्रायश्चित कर लेते हरीश रावत '

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नई दिल्लीः पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के प्रायश्चित और मौनव्रत पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने तंज कसा। उन्होंने कहा, रावत एक बार अलवर में भी प्रायश्चित कर लेते। टिहरी के नैनबाग के बसांण गांव के निवासी जितेंद्र दास की हत्या के मामले में भाजपा-कांग्रेस के बीच राजनीतिक गरमाहट बढ़ गई है। कांग्रेस इस मामले में सीधे सरकार पर अंगुली उठा रही है। सोमवार को पूर्व सीएम हरीश रावत ने घटना के विरोध में प्रायश्चित स्वरूप एक घंटे का मौन व्रत रखा। इसे लेकर सचिवालय में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने तंज कसा। उन्होंने हरीश रावत के मौनव्रत को नौटंकी बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम का मौन नाटक है। हरीश रावत उत्तराखंड के सीएम रहे हैं और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव के साथ ही नार्थ ईस्ट का दौरा कर लौटे हैं। जो प्रायश्चित वे यहां कर रहे हैं, एक बार अलवर (राजस्थान) में भी कर लेते, तो उन्हें राष्ट्रीय दायित्व का बोध भी हो जाता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरीश रावत कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आ जाएं तो मेरी और मदद कर सकते हैं। त्रिवेंद्र ने केदारनाथ हेली सेवा के किराये को लेकर कहा कि पिछले सीजन की अपेक्षा इस बार किराया कम हुआ है। सिर्फ गुप्तकाशी से केदारनाथ का किराया बढ़ा है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि किराया सरकार निर्धारित नहीं करती। उधर, भाजपा के प्रांतीय महामंत्री नरेश बंसल ने कहा कि उत्तराखंड कांग्रेस में हरीश रावत को कोई नहीं पूछ रहा है। वह अपनी ही पार्टी के लोगों को बता रहे हैं कि वे यहीं हैं और पार्टी में एकला चल रहे हैं। बंसल ने कहा कि अलवर जहां कांग्रेस की सरकार है, अनुसूचित जाति की एक युवती से सामूहिक बलात्कार हुआ है। वहां की सरकार इसे दबाने में जुटी है। इस मामले में किसी की गिरफ्तारी तक नहीं की गई, जबकि जितेंद्र दास की हत्या के मामले में आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। उन्होंने भी रावत को अलवर मामले में व्रत रखने की नसीहत दी।

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